Monday, 11 May 2015

18 दिन

बसंत x पतझड़
देह : शरीर , काया , तन
अक्षि  : आँख
आटे  दाल का भाव मालूम होना : कठोर सत्य का आभास होना 

17 दिन

खून का प्यासा: जानी दुश्मन
अन्वेषक: खोज करने वाला 
विलोम: उतार x चढ़ाव 
पर्यायवाची: ग्राम, गॉव, देहात

16 दिन

खून के घूँट पीना: गुस्सा को अंदर ही अंदर सहन करना 
अनुपम: जिसकी उपमा न हो
विलोम: एड़ी x चोटी 
पर्यायवाची: गणेश, गजानन, विनायक, लुम्बोधर, गौरीशूत 

  

15 दिन

खाक में मिलना: नष्ट करना 
असंदिग्ध: जिसमें संदेह न हो 
विलोम: कपूत x सपूत 
पर्यायवाची: गृह, भवन, घर, निकेतन, नीड़

14 दिन

Iखाक छानना: इधर-उधर भटकना  
असाध्य: जिसका उपचार न हो 
विलोम: आर्द्र x शुष्क 
पर्यायवाची: क्षति, हानि, नुकशान, घाट

13 दिन

खरी खोटी सुनना: भला बुरा कहना
अघोपांत: आदी या आरंभ से अंत तक
विलोम: आनंद x शोक 
पर्यायवाची: क्रंदन, रोना, रुदन, विलाप

12दिन

अपना उल्लू सीधा करना: अपना काम निकालना या स्वार्थ सिध्द करना।
अगोचर: जिसे देखा न जा सके
विलोम: धैर्य अधैर्य
पर्यायवाची: किनारा, तट, तीर, कगार

11दिन

काम आना: शहीद होना
अखाद्य: जो खाने योग्य न हो
विलोम: धर्म x अधर्म 
पर्यायवाची: कोयल, कोकिला, पिक, श्यामा

10 दिन

आसमान सिर पर उठाना: बहुत अधिक शोर मचाना।
अकयनीय: जिसे कहा न जा सके
विलोम: सबल x निर्बल 
पर्यायवाची: कृपा, अनुग्रह, दया, अनुकंपा  

Monday, 27 April 2015

9 दिन

विलोम: अंधकार x प्रकाश
उद्देश्य: ध्येय, लक्ष्य, मकसद
सनातन: युगों से चला आ रहा
चार चाँद लगाना: प्रतिष्ठा बढ़ाना

8 दिन

अतिवृष्टि x अनावृष्टि
उपहार: भेट, सौगात, तोहफा
शिरोधार्य: सिर पर धारण करने योग्य
अंधे के हाथ में बटेर लगना: अयोग्य व्यक्ति को कुछ ऐसा मिल जाना जिसके लायक वह नहीं है।

7 दिन


 दया x निर्दयता
आभूषण: अलंकार, जेवर, गहना
परावलंबी: दूसरों पर आश्रित रहने वाला 
कंधे से, कंधे मिलाना: सहयोग करना

Monday, 20 April 2015

6 दिन

तरूण x वृद्ध
आश्चर्य, अचरज, विस्मय, हैरानी
नवागंतुक: नया आया हुआ व्यक्ति
ओखली में, सिर देना: जान बूझकर मुसीबत मोल लेना

5 दिन

झोपड़ी x महल
अनुपम, निरुपम, अनोखा, अपूर्व
गोपनीय: छिपाने योग्य
बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद: मूर्ख व्यक्ति को गुणों की पहचान नहीं होती है।

Wednesday, 15 April 2015

4 दिन

 ग्राहय x त्याज्य
अतिथि: मेहमान, पहुना, आगंतुक
किंकर्तव्यविमूढ़: कुछ भी निर्णय न कर पाने की अवस्था
एक गंदी मछली सारा तालाब गंदा कर देती है: एक दुष्ट व्यक्ति सारे वातावरण को दूषित कर देता है।

Tuesday, 14 April 2015

3 दिन

चिरंतन x नश्वर
अहंकार: दर्प, घमंड, गर्व
निर्निमष: बिना पलक झपकाए
खग ही जाने , खग की भाषा: समान स्वभाव वाले ही एक दूसरे की बात समझ सकते हैं।

Saturday, 11 April 2015

2 दिन

कर्कश x मृदु
अवधि: समय,काल, मियाद
अतिशयोक्ति: कोई भी बात बढाचढाकर करना
खाने के दाँत और देखाने के और: बाहर भितर में फर्क होना

Wednesday, 8 April 2015

1 दिन

विलोम:  ग्रहण  x  त्याग
पर्यायवाची: मोक्ष-निर्वाण, कैवल्य, मुक्ति

अंधविश्वास: सोचे बिना विश्वास करना
अब पछताए होत क्या जब चिडिया चून गई खेत: {समपश्चातापने से कोइ फायद नही}य निकल जाने पर